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Monday, 30 April 2012

कुछ पास नही , खोने के लिए ......

सब कहते  है, खो जाएगा सब !
कुछ पास नही , खोने के लिए !!
ऊपर वाले ने , लिखा है जो !
सब होता है ,होने के लिए !!  
 
मेरी इसमें कोई खता नहीं !
ये वक़्त की सारी आंधी है !!
यहाँ कुछ दिन की आबादी है !
फिर चारो तरफ बर्बादी है !!
 
यहाँ खुशियाँ तो आती है मगर !
कुछ पल में वो चली जाती है !!
लूट कर, हमसे वो  हमको ही !
बस यादें वो दे जाती है !!
 
ये खुशियों का संसार नहीं !
बस गमो का , आना - जाना है !!
वो जीता है यहाँ खुश होकर !
जिसने गम को पहचाना है !!
 
मैं भी गम को, पहचान गया !
खुशियों का राज़ मैं जान गया !!
ना कोई शमा है यहाँ , ना परवाना है !
बस गम ही अपना ठिकाना है !!
 

3 comments:

  1. बस यादें वो दे जाती है !!
    पर क्यों....
    साथ क्यों नहीं ले जाती

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  2. bahut khub...
    badhiya prastuti....

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पी के ''तनहा''