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Thursday, 5 July 2012

आंसू भी क्या करते बेचारे , इनको बस बहना था.......

मैं कह नहीं पाया, मगर तुमको तो कहना था !
इस बेबस दिल में मेरे बस तुमको ही रहना था !!
 
जिंदगी में तुझको पाकर खुश था मैं भी , कभी !
तूफ़ान बेबसी का इस जिंदगी में , वो आया तभी !!
याद आती है , जब वो भयानक रात का मंजर !
आंसू भी क्या करते बेचारे , इनको बस बहना था !!
 
मैं कह नहीं पाया, मगर तुमको तो कहना था !
इस बेबस दिल में मेरे बस तुमको ही रहना था !!
 
 
 
 
 
 

4 comments:

  1. wha... whaa... kya baat hai...
    dil ko chu liya aapne to sir...
    grand salute for u

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  2. भावभीनी रचना..

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  3. याद आती है , जब वो भयानक रात का मंजर !
    आंसू भी क्या करते बेचारे , इनको बस बहना था !!
    बेचारे ये आंसू हर हाल में बहते हैं .... बस बहना .... !!

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  4. शब्द शब्द दिल में उतर गयी.....!!!

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पी के ''तनहा''